22 जनवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने श्री कन्यक नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, श्री कन्यक नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, चंद्रपुर, महाराष्ट्र (बैंक) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'भवन-निर्माताओं/संविदाकर्ताओं के लिए अग्रिम' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹8 लाख (आठ लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
बैंक ने 'भवन-निर्माताओं/संविदाकर्ताओं' को ऐसे ऋण मंजूर किए जिन्हें आंशिक रूप से भू-अधिग्रहण के लिए प्रयुक्त किया गया।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1972 |