अधिसूचनाएं

आवास ऋण - दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश - कल्याण संस्था वेलफेयर आर्गनाइजेशन द्वारा भारत संघ तथा अन्य के खिलाफ़ रिट याचिका - निदेशों का कार्यान्वयन - शहरी सहकारी बैंक

आरबीआई/2008-09/316
शबैंवि.पीसीबी.परि.सं.30/09.09.001/2008-09

08 दिसंबर 2008

मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक
महोदय/महोदया

आवास ऋण - दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश -
कल्याण संस्था वेलफेयर आर्गनाइजेशन द्वारा भारत संघ तथा अन्य
के खिलाफ़ रिट याचिका - निदेशों का कार्यान्वयन - शहरी सहकारी बैंक

कृपया उपर्युक्त विषय पर 22 नवंबर 2006 का हमारा परिपत्र शबैंवि.पीसीबी.परि.सं.20 /09.09.001/2006-07 देखें।

2. कतिपय क्षेत्रों द्वारा की गई पूछताछ के बाद माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा गठित निगरानी समिति को एक पत्र भेजा गया था जिसमें समिति से यह सलाह मांगी गई थी कि क्या परिपत्र में निहित उसके उपर्युक्त निदेश शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गृह निर्माण तथा कृषि भूमि पर फॉर्महाउसों सहित सभी प्रकार के गृहों पर लागू होने चाहिए।

3. तदुपरांत, निगरानी समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चूंकि कृषि ऋण ग्राम पंचायतों तथा नगरपालिका परिषदों की सीमा के बाहर है और ये प्राधिकृत संस्थाएं किसानों द्वारा कृषि भूमि पर निर्मित फॉर्महाउसों के लिए न तो योजनाएं मंज़ूर करती हैं और न ही निर्माण पूरा होने का प्रमाणपत्र जारी करती हैं, इसलिए ऐसी स्थिति में उसके आदेश लागू नहीं होंगे। इस प्रकार के सभी मामलों में स्थानीय नियम लागू होंगे। बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे तदनुसार कार्रवाई करें।

4. इस परिपत्र की विषयवस्तु अपने बैंक के बोर्ड के समक्ष रखें।

5. कृपया प्राप्ति-सूचना हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें।

भवदीय

(एस.एस.बारिक)
महाप्रबंधक


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