भारिबैं/2013-14/515
ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी.सं.91/04.09.01/2013-14
12 मार्च 2014
अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी
[सभी अनुसूचित वाणिज्य बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोडकर) ]
महोदय,
प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र उधार – लक्ष्य और वर्गीकरण –आगे उधार देने
हेतु माइक्रो वित्त फाइनांस संस्थाओं को बैंक ऋण – मूल्यन मानदंड
कृपया आप प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र उधार – लक्ष्य और वर्गीकरण पर 1 जुलाई 2013 का हमारा मास्टर परिपत्र ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी. सं.9/04.09.01/2013-14 के पैरा VIII (ग) (i) और (ii)देखें।
2. उपर्युक्त स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना ही होगा कि माइक्रो वित्त संस्थाएं निम्नानुसार व्यक्तिगत ऋणों पर उच्चतम सीमा तथा मार्जिन उच्चतम सीमा (कैप) का पालन करती हैं ताकि वे प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र के अंतर्गत इन ऋणों को नीचे दिए गए अनुसार वर्गीकृत किए जाने की पात्र बन जाए :-
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व्यक्तिगत ऋणों पर उच्चतम सीमा: आस्तियों के अनुसार पांच सबसे बड़े वाणिज्य बैंकों की वार्षिक औसत आधार दर को 2.75 से गुणा का फल अथवा निधियों की लागत और मार्जिन की उच्चतम सीमा का जोड़, इनमें से जो भी कम हो। आधार दर का औसत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा सूचित किया जाएगा।
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मार्जिन उच्चतम सीमा: साथ ही 1 अप्रैल 2014 से मार्जिन उच्चतम सीमा अब तक के सबके लिए 12 प्रतिशत के मुकाबले 100 करोड रुपए से अघिक के ऋण संविभागवाले एमएफआई के लिए 10 प्रतिशत और अन्यों के लिए 12 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3. पहली जुलाई 2013 के परिपत्र ग्राआऋवि.केका.प्लान.बीसी. सं.9/04.09.01/2013-14 के पैरा VIII के अन्य सभी दिशानिर्देश अपरिवर्तित बने रहेंगे।
भवदीय
(टी.वी.राव)
उप महाप्रबंधक |