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मिंट स्ट्रीट मेमो संख्या 20: अनिर्धारित ऋणग्रस्तता के लिए विवेकपूर्ण विनियमनों का बड़े उधारकर्ताओं की रेटिंग गतिविधि पर प्रभाव

4 जुलाई 2019

मिंट स्ट्रीट मेमो संख्या 20: अनिर्धारित ऋणग्रस्तता के लिए विवेकपूर्ण
विनियमनों का बड़े उधारकर्ताओं की रेटिंग गतिविधि पर प्रभाव

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपनी वेबसाइट पर मिंट स्ट्रीट मेमो (एमएसएम) श्रृंखला के अंतर्गत “अनिर्धारित ऋणग्रस्तता के लिए विवेकपूर्ण विनियमनों का बड़े उधारकर्ताओं की रेटिंग गतिविधि पर प्रभाव” शीर्षकांतर्गत 20 वां प्रकाशन जारी किया।

यह पेपर पल्लवी चव्हाण,निदेशक और एस.के.रिटाधि, प्रबंधक (अनुसंधान), बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग द्वारा लिखा गया है, जिसमें बड़े उधारकर्ताओं की रेटिंग गतिविधि पर विवेकपूर्ण विनियमनों के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।

एमएसएम श्रृंखला में व्यक्त राय और विचार लेखकों के हैं और आवश्यक रूप से भारतीय रिज़र्व बैंक के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

योगेश दयाल
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2019-2020/57


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