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भारत सरकार के दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी

22 नवंबर 2021

भारत सरकार के दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी

भारत सरकार (जीओआई) ने निम्नलिखित विवरण के अनुसार 24,000 करोड़ की अधिसूचित राशि के लिए चार दिनांकित प्रतिभूतियों की बिक्री (निर्गम/पुनर्निर्गम) की घोषणा की है:

क्रम
संख्या
प्रतिभूति चुकौती की तारीख अधिसूचित राशि
( करोड़)
भारत सरकार की विशिष्ट अधिसूचना नीलामी की तारीख भुगतान की तारीख
1 नई जीएस 2023 29 नवंबर 2023 2,000 एफ़.सं.4(3)-बी(डब्ल्यूएंडएम)/2021 दिनांकित 22 नवंबर 2021 26 नवंबर 2021
(शुक्रवार)
29 नवंबर 2021
(सोमवार)
2 5.74% जीएस 2026 15 नवंबर 2026 6,000
3 6.67% जीएस 2035 15 दिसंबर 2035 9,000
4 6.99% जीएस 2051 15 दिसंबर 2051 7,000
  कुल   24,000      

2. भारत सरकार के पास उपर्युक्त प्रतिभूति/प्रतिभूतियों के सापेक्ष प्रत्येक के लिए 2000 करोड़ तक का अतिरिक्त अभिदान प्रतिधारित करने का विकल्प होगा।

3. इन प्रतिभूतियों की बिक्री भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई कार्यालय, फोर्ट, मुंबई - 400001 के माध्यम से होगी। यह बिक्री उपर्युक्त निर्दिष्ट ‘विशिष्ट अधिसूचना’ में उल्लिखित निबंधन एवं शर्तों और 27 मार्च 2018 को जारी सामान्य अधिसूचना एफ़.सं.4(2)-डब्ल्यूएंडएम/2018 के अनुसार की जाएगी।

4. नई जीएस 2023, 5.74% जीएस 2026, 6.67% जीएस 2035 के लिए नीलामी एकसमान मूल्य पद्धति और 6.99% जीएस 2051 के लिए नीलामी एकाधिक मूल्य पद्धति का उपयोग करके आयोजित की जाएगी। नीलामी के लिए प्रतिस्पर्धात्मक और गैर-प्रतिस्पर्धात्मक दोनों बोलियां इलेक्‍ट्रॉनिक फार्मेट में भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली पर 26 नवंबर 2021 (शुक्रवार) को प्रस्तुत करनी होगी। गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां पूर्वाह्न 10.30 बजे से पूर्वाह्न 11.00 बजे के बीच तथा प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां पूर्वाह्न 10.30 बजे से पूर्वाह्न 11.30 बजे के बीच प्रस्‍तुत करनी होगी। परिणाम की घोषणा उसी दिन ही की जाएगी और सफल बोली लगाने वालों द्वारा भुगतान 29 नवंबर 2021 (सोमवार) को करना होगा।

5. अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी हामीदारी (एसीयू) भाग के हामीदारी हेतु बोली ‘प्राथमिक व्यापारी’ द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली पर 26 नवंबर 2021 (शुक्रवार) को पूर्वाह्न 9.00 बजे से पूर्वाह्न 9.30 बजे तक प्रस्तुत की जा सकती है।

6. स्टॉक 23 नवंबर 2021 से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 2021 तक की अवधि के लिए "जब जारी" ट्रेडिंग के लिए पात्र होंगे।

7. भारत सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी हेतु परिचालन संबंधी दिशानिर्देश और अन्य विवरण अनुलग्नक में दी गई है।

अजीत प्रसाद  
निदेशक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/1233


अनुलग्नक

नीलामी के प्रकार

1. एकाधिक मूल्य-आधारित नीलामी के लिए, सफल बोलियों को प्रतिभूतियों के लिए संबंधित उद्धृत प्रतिफल /मूल्य पर स्वीकार किया जाएगा। एकसमान मूल्य-आधारित नीलामी के लिए बोलियां नीलामी में स्वीकृत कट ऑफ प्रतिफल/मूल्य पर स्वीकार की जाएंगी।

2. नवीन प्रतिभूतियों के लिए नीलामी प्रतिफल आधारित और पुनर्निर्गम की गई प्रतिभूतियों के लिए नीलामी मूल्य आधारित होगी।

3. अस्थिर दर वाले बॉण्ड (एफ़आरबी) की स्थिति में, नवीन प्रतिभूति की नीलामी स्प्रेड-आधारित और पुनर्निर्गम वाले प्रतिभूतियों की नीलामी मूल्य आधारित होगी। नवीन अस्थिर दर वाले बॉण्ड (एफ़आरबी) की बोली लगाते समय, स्प्रेड को प्रतिशत के रूप में उद्धृत किया जाना चाहिए।

न्यूनतम बोली आकार

4. स्टॉक 10,000 की न्‍यूनतम राशि (सांकेतिक) तथा उसके बाद 10,000 के गुणज़ों में जारी की जाएंगी।

गैर-प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र

5. सभी नीलामियों में, बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक के सरकारी स्टॉक को सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोली सुविधा योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को आबंटित किया जाएगा।

6. प्रत्येक बैंक या प्राथमिक व्यापारी (पीडी) अपने संघटकों से प्राप्त पुख्ता ऑर्डर के आधार पर अपने सभी संघटकों की ओर से एक समेकित गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोली भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली के माध्यम से इलेक्‍ट्रॉनिक फार्मेट में प्रस्तुत करेंगे।

7. बैंक या प्राथमिक व्यापारी को गैर-प्रतिस्पर्धात्मक खंड के अंतर्गत आबंटन सफल बोली के प्रतिफल/मूल्य की भारित औसत दर पर किया जाएगा जो कि नीलामी में प्रतिस्पर्धात्मक बोली के आधार पर उत्पन्न होगा।

बोलियों को प्रस्तुत करना

8. नीलामी के लिए प्रतिस्पर्धात्मक और गैर-प्रतिस्पर्धात्मक दोनों बोलियां इलेक्‍ट्रॉनिक फार्मेट में भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली पर प्रस्तुत की जानी चाहिए।

9. असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी हालात में बोलियों को भौतिक रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कारोबार निरंतरता योजना (बीसीपी)-आईटी विफलता

10. केवल सिस्टम विफलता की स्थिति में, भौतिक बोलियां स्वीकार की जाएंगी। ऐसी भौतिक बोलियां रिज़र्व बैंक की वेबसाइट (https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_ViewForms.aspx) से प्राप्त निर्धारित फॉर्म में, नीलामी समय समाप्त होने से पहले, लोक ऋण कार्यालय, मुंबई को ईमेल (ईमेल; फोन नंबर: 022-22632527, 022-22701299) के माध्यम से भेजी जानी चाहिए।

11. तकनीकी कठिनाइयों की परिस्थिति में, कोर बैंकिंग परिचालन टीम से संपर्क (ईमेल; फोन नंबर: 022-27595666, 022-27595415, 022-27523516) किया जाना चाहिए ।

12. नीलामी से संबंधित अन्य कठिनाइयों के लिए, आईडीएमडी की नीलामी टीम से संपर्क (ईमेल; फोन नंबर: 022-22702431, 022-22705125) किया जा सकता है ।

एकाधिक बोलियाँ

13. एक निवेशक एक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां इलेक्‍ट्रॉनिक फार्मेट में भारतीय रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग समाधान (ई-कुबेर) प्रणाली पर प्रस्तुत कर सकता है।

14. तथापि, एक व्यक्ति द्वारा नीलामी में प्रस्तुत बोली की सकल राशि नीलामी हेतु अधिसूचित राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।

निर्णय लेने की प्रक्रिया

15. प्राप्त बोलियों के आधार पर, नीलामी के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी स्टॉक की खरीदी के लिए निविदा हेतु स्वीकार करने योग्य न्यूनतम मूल्य निर्धारित करेगा।

16. भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम उद्धृत की गई बोलियों को अस्वीकार किया जाएगा।

17. भारतीय रिज़र्व बैंक के पास बिना किसी कारण के किसी बोली या सभी बोलियों को पूर्णत: या अंशत: स्वीकृत या अस्वीकृत करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।

प्रतिभूतियों का निर्गम

18. सफल बोलिकर्ता को प्रतिभूतियों का निर्गम भारतीय रिज़र्व बैंक के पास सहायक सामान्य खाता-बही (एसजीएल) रखने वाले पार्टियों के एसजीएल खाते में क्रेडिट करते हुए या स्टॉक प्रमाणपत्र के रूप में किया जाएगा।

ब्याज भुगतान की आवधिकता

19. गैर-मानक परिपक्वताओं वाले सरकारी स्टॉक संबंधी मामले के अलावा प्रतिभूतियों पर ब्याज का भुगतान अर्ध-वार्षिक आधार पर किया जाएगा । कूपन भुगतान की सटीक आवधिकता स्पष्ट रूप से प्रतिभूति जारी करने हेतु विशिष्ट अधिसूचना में उल्लिखित है।

सरकारी प्रतिभूतियों की हामीदारी

20. ‘प्राथमिक व्‍यापारियों' द्वारा नीलामियों के अंतर्गत सरकारी प्रतिभूतियों की हामीदारी रिज़र्व बैंक द्वारा समय-समय पर संशोधित 14 नवंबर 2007 को जारी परिपत्र आरबीआई/2007-08/186 द्वारा घोषित ''हामीदारी प्रतिबद्धता और चलनिधि सहायता की संशोधित योजना'' के अनुसार की जाएगी।

पुनर्खरीद लेनदेन (रेपो) के लिए पात्रता

21. स्टॉक समय-समय पर संशोधित पुनर्खरीद लेनदेन (रेपो) (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2018 (रिजर्व बैंक) निदेश, 2018 में उल्लिखित शर्तों के अनुसार पुनर्खरीद लेनदेन (रेपो) के लिए पात्र होंगे।

‘जब जारी’ ट्रेडिंग के लिए पात्रता

22. स्टॉक समय-समय पर संशोधित 24 जुलाई 2018 को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी परिपत्र सं.आरबीआई/2018-19/25 के अनुसार ‘केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों में जब जारी लेनदेन' विषयक दिशा-निर्देशों के अनुसार "जब जारी" ट्रेडिंग के लिए पात्र होंगे।

गैर-निवासी द्वारा निवेश

23. गैर-निवासी द्वारा निवेश सरकारी प्रतिभूतियों में गैर-निवासियों द्वारा निवेश ‘पूर्णत: सुलभ मार्ग ’और सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा निवेश सरकारी प्रतिभूतियां: मध्यम अवधि ढांचा (एमटीएफ़) के दिशानिर्देशों के अधीन हैं।


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