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भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि मोडासा नागरिक सहकारी बैंक लि., मोडासा, अरवल्ली जिला, गुजरात पर मौद्रिक दंड लगाया

26 नवंबर 2021

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि मोडासा नागरिक सहकारी बैंक लि., मोडासा, अरवल्ली जिला,
गुजरात पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने, दिनांक 26 नवंबर 2021 के आदेश द्वारा दि मोडासा नागरिक सहकारी बैंक लि., अरवल्ली, गुजरात (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘निदेशकों, रिश्तेदारों तथा फर्मों/ प्रतिष्ठानों जिनमें उनकी रुचि हो को ऋण एवं अग्रिम’ संबंधी दिशानिर्देशों के उल्लंघन करने के लिए 1.00 लाख (रुपये एक लाख केवल) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड आरबीआई द्वारा जारी उपर्युक्त निदेशों के अनुपालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है।

पृष्ठभूमि

31 मार्च 2019 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा किए गए सांविधिक निरीक्षण और उससे संबंधित निरीक्षण रिपोर्ट तथा सभी संबंधित पत्राचार की जांच से, अन्य बातों के साथ- साथ यह पता चला कि आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों का अनुपालन नहीं किया गया है। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि आरबीआई द्वारा जारी उपर्युक्त निदेशों का अनुपालन नहीं करने के लिए उन पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई में किए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि उपर्युक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2021-2022/1260


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