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भारतीय रिज़र्व बैंक ने वरुड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वरुड (महाराष्ट्र) पर मौद्रिक दंड लगाया

8 अगस्त 2022

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वरुड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वरुड (महाराष्ट्र)
पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 5 अगस्त 2022 के आदेश द्वारा वरुड अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वरुड (महाराष्ट्र) (बैंक) पर, आरबीआई द्वारा एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध तथा अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) पर शहरी सहकारी बैंकों को जारी निदेशों के उल्लंघन/ अननुपालन के लिए 1.00 लाख (रुपये एक लाख मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों का पालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है।

पृष्ठभूमि

31 मार्च 2021 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट से, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पता चला कि बैंक ने (i) विवेकपूर्ण अंतर-बैंक काउंटर पार्टी सीमा का अनुपालन नहीं किया और (ii) आरबीआई द्वारा एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक /अन्य प्रतिबंध-यूसीबी और अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) पर जारी निदेशों के उल्लंघन/ अननुपालन में संदिग्ध लेनदेन की प्रभावी पहचान और रिपोर्टिंग के लिए एक मजबूत सॉफ्टवेयर नहीं रखा। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि निदेशों के अननुपालन के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

बैंक के उत्तरों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान किए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के उपर्युक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।

(योगेश दयाल) 
मुख्य महाप्रबंधक

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