11 सितंबर 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने एसेट केयर एंड रिकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 8 सितंबर 2026 के आदेश द्वारा, एसेट केयर एंड रिकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी 'आय निर्धारण' संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए ₹27.30 लाख (सत्ताईस लाख तीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 की 30ए(1) के साथ पठित धारा 12 के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा कंपनी का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।
नोटिस पर कंपनी के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
कंपनी ने प्रबंधन शुल्क वसूलने के संबंध में विनियामकीय अपेक्षाओं का उल्लंघन किया था।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1105 |