
सुप्रभात और नमस्कार।
1. भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की ओर से, मुझे रिज़र्व बैंक की दो प्रमुख पहलों को लॉन्च करने के लिए इस कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए गौरव का अनुभव हो रहा है। महोदय, इस कार्यक्रम में आपकी भागीदारी आरबीआई में हम सभी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। मैं इस कार्यक्रम में माननीय वित्त मंत्री का भी स्वागत करता हूँ और उनके निरंतर सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूँ। हम केंद्र और राज्य सरकारों के माननीय मंत्रियों, अन्य वित्तीय क्षेत्र के नियामकों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, बैंकों और आरबीआई की विभिन्न विनियमित संस्थाओं के एमडी और सीईओ और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति से भी गौरवान्वित हैं। देश भर के सभी दर्शकों का हार्दिक स्वागत है।
2. अपनी बहुमुखी भूमिका के साथ, रिज़र्व बैंक विभिन्न तरीकों से लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, चाहे वह मुद्रा प्रणाली हो, बैंकिंग प्रणाली हो, वित्तीय बाज़ार हो या 24x7 निर्बाध डिजिटल भुगतान हो। रिज़र्व बैंक अपनी सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाता रहा है। 9 नवंबर 2021 को 'स्मार्ट डिजिटल भुगतान' विषय पर आयोजित वैश्विक हैकाथॉन प्रतियोगिता, "HARBINGER 2021 - परिवर्तन के लिए नवाचार" की हालिया घोषणा, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रिज़र्व बैंक द्वारा की गई एक और पहल है।
3. आरबीआई की विकासात्मक भूमिका वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने तथा जन-केंद्रित पहलों पर केंद्रित है। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा आज शुरू की जा रही दो योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
4. पहली योजना, अर्थात् रिटेल डायरेक्ट स्कीम, सरकारी प्रतिभूतियों के लिए निवेशक आधार को व्यापक बनाने का प्रयास करती है, जिसके तहत एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जाएगा जिससे खुदरा निवेशक सरकारी प्रतिभूति बाजार में आसानी से भाग ले सकें, जिस पर अभी तक संस्थागत निवेशकों का प्रभुत्व रहा है। ऐसा करके, भारत सरकारी प्रतिभूति बाजार के लोकतंत्रीकरण में एक मिसाल कायम कर रहा है।
5. माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा आज शुरू की जा रही दूसरी योजना, अर्थात् एकीकृत लोकपाल योजना, आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं जैसे बैंकों, एनबीएफसी और भुगतान प्रणाली संचालकों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के उपभोक्ताओं के लिए शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। मौजूदा लोकपाल योजनाओं को एक ही योजना में एकीकृत किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अपनी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एकल मंच का लाभ मिलेगा। यह एकीकृत योजना वित्तीय प्रणाली में विश्वास और भरोसे को मजबूत करेगी।
6. आज इन दो नागरिक-केंद्रित पहलों का शुभारंभ, एक अधिक समावेशी और उत्तरदायी वित्तीय प्रणाली की ओर हमारी यात्रा को और गति प्रदान करेगा। मैं एक बार फिर सभी गणमान्यों, प्रतिभागियों और दर्शकों का हार्दिक स्वागत करता हूँ।
धन्यवाद
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