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भारतीय रिज़र्व बैंक ने जालना डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया

27 अगस्त 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने जालना डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र पर
मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 25 अगस्त 2026 के आदेश द्वारा जालना डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘सहकारी बैंकों द्वारा साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की सदस्यता’ और ‘अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 50,000 (पचास हज़ार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत तथा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए(1)(सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

बैंक निम्नलिखित में विफल रहा:

  1. अपने उधारकर्ताओं की ऋण संबंधी जानकारी सभी साख सूचना कंपनियों को देने में; और

  2. खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने में, जो कम से कम हर छह महीने में एक बार होनी चाहिए।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/975


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