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वित्तीय बाजारों के लिए तकनीकी परामर्शदात्री समिति (टीसीसीएफ़एम) का गठन

4 नवंबर 2026

वित्तीय बाजारों के लिए तकनीकी परामर्शदात्री समिति (टीसीसीएफ़एम) का गठन

दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को जारी 'विकासात्मक और विनियामक नीतियों' पर वक्तव्य में की गई घोषणा के अनुसार, तेजी से बदलते वित्तीय बाजारों और अवसंरचना की पृष्ठभूमि में भारतीय रिज़र्व बैंक ने 'वित्तीय बाजारों के लिए तकनीकी परामर्शदात्री समिति (टीसीसीएफ़एम)’ के गठन की घोषणा की है। रिज़र्व बैंक के लिए यह समिति, बाजार के प्रतिभागियों और हितधारकों के साथ मुद्रा, सरकारी प्रतिभूति और विदेशी मुद्रा बाजार तथा इनसे जुड़े व्युत्पन्नी बाजारों और अवसंरचना से जुड़े नीतिगत एवं परिचालनगत मामलों पर व्यवस्थित रूप से संवाद करने वाले मंच के रूप में कार्य करेगी।

2. उप गवर्नर (डीजी), प्रभारी, वित्तीय बाजार विनियमन विभाग (एफ़एमआरडी), भारतीय रिज़र्व बैंक इस समिति के अध्यक्ष होंगे। इस समिति में निम्नलिखित बाहरी सदस्य शामिल होंगे:

  1. श्री अनंत नारायण, पूर्व पूर्णकालिक सदस्य, सेबी और 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस', आईआईटी मुंबई;

  2. श्री शमशेर सिंह, अध्यक्ष, फिक्स्ड इनकम मनी मार्केट एंड डेरिवेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं उप प्रबंध निदेशक, भारतीय स्टेट बैंक;

  3. श्री नीरज गंभीर, कार्यपालक निदेशक, एक्सिस बैंक;

  4. श्री शैलेंद्र झिंगन, प्रमुख, ट्रेजरी और इकोनॉमिक रिसर्च, आईसीआईसीआई बैंक;

  5. श्री आदित्य बागरी, प्रबंध निदेशक, प्रमुख (बाजार), सिटीबैंक इंडिया;

  6. श्री नंद किशोर, प्रबंध निदेशक, भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड; और

  7. श्री रिधम देसाई, प्रबंध निदेशक, मॉर्गन स्टेनली इंडिया।

3. तकनीकी परामर्शदात्री समिति के समक्ष वित्तीय बाजारों हेतु विचारार्थ विषय (टीओआर) निम्नानुसार होंगे:

  1. मुद्रा, सरकारी प्रतिभूति, विदेशी मुद्रा एवं संबंधित व्युत्पन्नी बाजारों के कामकाज, कार्यक्षमता, चलनिधि और आघात-सहनीयता; तथा इन बाजारों के दायरे और व्यापकता को बढ़ाने के उपायों की पहचान करने संबंधी विषय।

  2. व्यापार, समाशोधन, निपटान, रिपोर्टिंग और अन्य बाजार अवसंरचना, जिनमें इनसे जुड़े विनियामकीय और परिचालनगत ढांचे शामिल हैं, संबंधी विषय।

  3. वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने वाले उभरते नीतिगत और परिचालनगत विषय, जिनमें आरबीआई द्वारा किए गए उपायों को लागू करना और बाजार में अनपेक्षित बाधाओं की पहचान करना शामिल है।

  4. अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू घटनाक्रम, वित्तीय नवाचार और उभरते जोखिम जो भारतीय वित्तीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

  5. रिज़र्व बैंक द्वारा समिति के समक्ष प्रस्तुत बाजार संबंधी कतिपय विशिष्ट विषय अथवा समष्टि आर्थिक पहलू।

4. उक्त समिति की बैठक का आयोजन तिमाही में कम से कम एक बार अवश्य किया जाएगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

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