अधिसूचनाएं

नामित बैंकों/एजेंसियों द्वारा स्वर्ण का आयात

भारिबैंक/2012-13/499
ए.पी.(डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.103

13 मई 2013

सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक जो
विदेशी मुद्रा के प्राधिकृत व्यापारी हैं

महोदया/महोदय,

नामित बैंकों/एजेंसियों द्वारा स्वर्ण का आयात

प्राधिकृत व्यक्तियों का ध्यान 3 मई 2013 के मौद्रिक नीति वक्तव्य 2013-14 के स्वर्ण के आयात से संबंधित पैराग्राफ 97 की ओर आकृष्ट किया जाता है। 6 मार्च 1998 के एडी (जी.पी.सीरीज़) परिपत्र सं.7 (सुलभ संदर्भ के लिए प्रतिलिपि संलग्न) के अनुसार, नामित बैंकों/एजेंसियों को उधार, आपूर्तिकर्ता उधार/क्रेता उधार के आधार पर (Suppliers Credit/ Buyers Credit basis), परेषण आधार पर के साथ ही साथ खुले मूल्य आधार पर स्वर्ण के आयात के लिए अनुमति दी गयी थी।

2. स्वर्ण संबंधी कार्यदल (अध्यक्ष: श्री के.यू.बी.राव) ने स्वर्ण आयातों और अन्य आयातों के बीच समान परिवेश बनाने के लिए स्वर्ण आयात विनियमों को, शेष आयातों के, समतुल्य रखने (aligning) की सिफारिश की थी। नामित बैंकों द्वारा इस मार्ग से आयातित थोक स्वर्ण, परेषण आधार पर, आता है, जिससे नामित बैंकों को इन स्टाकों का निधीयन (funding) नहीं करना होता है। घरेलू उपयोग के लिए स्वर्ण की मांग कम करने के लिए, यह निर्णय लिया गया है कि बैंकों द्वारा परेषण आधार पर स्वर्ण के आयात को सीमित किया जाए और अब केवल स्वर्ण आभूषणों के निर्यातकों की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वर्ण का आयात किया जाए।

3. उल्लिखित अनुदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। प्राधिकृत व्यापारी इस परिपत्र की विषयवस्तु से अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों को अवगत करायें ।

4. स्वर्ण के आयात के संबंध में, समय-समय पर जारी, सभी अन्य अनुदेश यथावत बने रहेंगे।

5. इस परिपत्र में निहित निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 10(4) और 11(1) के अंतर्गत जारी किये गये हैं।

भवदीया,

(रश्मि फौज़दार)
मुख्य महाप्रबंधक


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