भाषण

मई 05, 2021
गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 338 kb
जनवरी 16, 2021
एक स्थिर वित्तीय प्रणाली की ओर – शक्तिकान्त दास 363 kb
दिसंबर 16, 2020
वित्तीय शिक्षा के लिए राष्ट्रीय रणनीति 2020-25 - शक्तिकान्त दास 270 kb
नवंबर 26, 2020
भारत में वित्तीय बाजार सुधारों को गति देना - शक्तिकान्त दास 310 kb
नवंबर 06, 2020
एनबीएफसी विनियमन – भविष्य पर विचार - एम. राजेश्वर राव 316 kb
सितंबर 16, 2020
कौन सी शक्तियाँ समुत्थान का वाहक बन सकती हैं? - शक्तिकांत दास 337 kb
अगस्त 27, 2020
बैंकों के लिए गहरे आत्ममंथन का समय: कोविड के बाद बैंकों का पुनरभिमुखीकरण - शक्तिकांत दास 185 kb
जुलाई 27, 2020
क्या भारतीय अर्थव्यवस्था में गतिमान परिवर्तन हो रहे हैं?- शक्तिकांत दास 277 kb
जुलाई 11, 2020
भारतीय अर्थव्यवस्था निर्णायक मोड़ पर: वित्तीय स्थिरता की दृष्टि से विवेचन – शक्तिकांत दास 303 kb
मार्च 06, 2020
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम: चुनौतिया और भावी दिशा - शक्तिकांत दास 293 kb
फरवरी 24, 2020
21 वीं सदी में बैंकिग परिदृश्य - शक्तिकांत दास 272 kb
फरवरी 12, 2020
एनआईबीएम स्वर्णजयंती समारोह माननीय राष्ट्रपति - श्री राम नाथ कोविंद 153 kb
जनवरी 24, 2020
भारत की मौद्रिक नीति के सात यगु - शक्तिकांत दास 275 kb
जनवरी 07, 2020
भारत में समावेशी विकास की ओर यात्रा - शक्तिकांत दास 246 kb
जनवरी 01, 2020
$5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था: आकांक्षा से कार्रवाई तक - शक्तिकांत दास 269 kb
नवंबर 29, 2019
ग्रामीण और कृषि वित्त: समावेशी और दीर्घकालिक विकास प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी - एम.के.जैन 219 kb
नवंबर 28, 2019
वित्तीय समावेशन के अगले दौर में सूक्ष्म वित्त - एम.के.जैन 226 kb
नवंबर 16, 2019
चौराहे पर भारतीय बैंकिंग: कुछ विचार - शक्तिकांत दास 243 kb
सितंबर 23, 2019
बैंकों में अनुपालन कार्यप्रणाली संबंधी विनियामकीय और पर्यवेक्षी प्रत्याशाएं - एम.के.जैन 188 kb
सितंबर 19, 2019
भारत के बाह्य क्षेत्र की सुदृढ़ता के आयाम - शक्तिकान्त दास 224 kb
सितंबर 05, 2019
20 वाँ फिम्डा-पीडीएआई वार्षिक सम्मेलन - बी.पी.कानूनगो 192 kb
अगस्त 26, 2019
व्यापार युद्ध: क्या उह अवैश्वीकरण की पूर्वपीठिका है? - बी.पी.कानूनगो 154 kb
अगस्त 19, 2019
वित्तीय स्थिरता के मार्ग में उभरती चुनौतियाँ - शक्तिकान्त दास 188 kb
अगस्त 05, 2019
डिजिटल वित्तीय जगत में उपभोक्ता संरक्षण-की गई पहल और उससे आगे - एम.के.जैन 209 kb
जुलाई 26, 2019
पुस्तक विमोचन पर गवर्नर महोदय की टिप्पणी - शक्तिकान्त दास 162 kb
जून 29, 2019
व्यवहार्य वित्तीय बाज़ारों का विकास – भारतीय अनुभव – विरल वी. आचार्य 834 kb
जून 28, 2019
राज्यपाल का उद्घाटन समारोह - वार्षिक सांख्यिकी दिवस सम्मेलन - शक्तिकान्त दास 165 kb
जून 24, 2019
शिकायत प्रबंधन प्रणाली के शुभारंभ पर गवर्नर महोदय का वक्तव्य - शक्तिकान्त दास 142 kb
जून 17, 2019
केंद्रीय बैंकों की बढ़ती हुई भूमिका - शक्तिकान्त दास 226 kb
जून 08, 2019
बैंकिंग परिदृश्य : वर्तमान स्थिति और भावी दिशा - शक्तिकान्त दास 228 kb
अप्रैल 25, 2019
वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता महत्व क्या यह लंबे समय तक बना रहेगा और क्या हम इसके लिए तैयार हैं ? – बी.पी. कानूनगो 221 kb
17 वाँ सी. डी.देशमुख स्मारक व्याख्यान: उदघाटन उद्बोधन - शक्तिकांत दास 124 kb
अप्रैल 13, 2019
उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं के समक्ष वैश्विक जोखिम एवं नीतिगत चुनौतियाँ - शक्तिकांत दास 193 kb
मार्च 25, 2019
फिनटेक के अवसर और चुनौतियाँ - शक्तिकांत दास 228 kb
मार्च 19, 2019
राजकोषीय संघवाद (फेडरलिजम) पर कुछ विचार - शक्तिकांत दास 165 kb
जनवरी 24, 2019
सूक्ष्म ऋण और कैसे कोई लोक ऋण रजिस्ट्री इसे सुदृढ़ कर सकता है इसके संबंध में कुछ विचार - विरल वी. आचार्य 370 kb
जनवरी 18, 2019
भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने मोजूद नीतिगत मुद्दों पर चिंतन – शक्तिकांत दास 260 kb
नवंबर 02, 2018
क्रेडिट जोखिम और बैंक पूंजी विनियमन पर मेरे विचार - श्री एन.एस. विश्‍वनाथन, उप गवर्नर द्वारा 29 अक्‍तूबर 2018 को एक्‍सएलआरआई, जमशेदपुर में दिया गया भाषण 548 kb
अक्टूबर 26, 2018
स्वतंत्र विनियामकीय संस्थाओं का महत्व – केंद्रीय बैंक का मामला - डॉ. विरल वी. आचार्य, उप गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मुंबई में 26 अक्तूबर 2018 को दिया गया ए. डी. श्रॉफ स्मारक व्याख्यान 319 kb
अक्टूबर 12, 2018
त्वरीत सुधारात्मक कार्रवाई : वित्तीय स्थिरता फ्रेमवर्क का एक अनिवार्य तत्व - डॉ विरल वी आचार्य 648 kb
सितंबर 20, 2018
निर्वारक सतर्कता – सरकारी क्षेत्र के संस्थानों में सुशासन का सर्वप्रमुख साधन – डॉ. उर्जित. आर. पटेल 208 kb
अगस्त 31, 2018
राज्य सरकार की बाजार उधारियाँ – मुद्दे और संभावनाएं –बी.पी.कानूनगो 293 kb
अगस्त 24, 2018
शहरी सहकारी बैंकों को प्रासंगिक बनाए रखने में सक्षक्त गवर्नेंस और सुरक्षित आईटी परिचालनों का महत्व –एन.एस.विश्वनाथन 353 kb
अगस्त 20, 2018
लोक ऋण रजिस्ट्री और माल एवं सेवा कर नेटवर्क : भारत में ऋण को सर्वसुलभ एवं औपचारिक बनाने के लिए लंबे कदम भरना – विरल वी. आचार्य 466 kb
अगस्त 17, 2018
खुदरा भुगतानों में नवाचार : डॉ ऊर्जित आर पटेल 130 kb
अगस्त 03, 2018
मेघनाद देसाई एकेडमी ऑफ इकोनॉमिक्स में दीक्षांत समारोह के अवसर पर उदघाटन भाषण – डॉ. उर्जित.आर. पटेल 135 kb
मई 30, 2018
भुगतान के क्षेत्र में उत्कृष्टता – बी. पी.कानूनगो 142 kb
अप्रैल 18, 2018
ऋणदाताओं और उधारकर्ताओं के लिए कारोबार अब सामान्य /पहले जैसा नहीं रहा – एन.एस.विश्वनाथन 393 kb
मार्च 14, 2018
बैंकिंग विनियामकीय शक्तियां स्वामित्व निरपेक्ष होनी चाहिए - उर्जित आर पटेल 200 kb
फरवरी 10, 2018
भारत के आर्थिक सुधार: अपूर्ण कार्यक्रमों के संबंध में चिंतन - विजय जोशी 266 kb

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