31 दिसंबर 2025
बैंक ऋण का क्षेत्र-वार अभिनियोजन – नवंबर 2025
वर्ष 2025 के नवंबर माह1 के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एस.सी.बी. के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।
वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर देखें तो, खाद्येतर बैंक ऋण2 28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 11.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा3, जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े (अर्थात, 29 नवंबर 2024) में यह 10.6 प्रतिशत था।
28 नवंबर 2025 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार बैंक ऋण3 के क्षेत्र-वार अभिनियोजन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
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उद्योग क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में 9.6 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 8.3 प्रतिशत थी। ‘सूक्ष्म एवं लघु’, और ‘मध्यम’ उद्योगों को प्रदत्त ऋण में दो अंकों में वृद्धि जारी रही। बड़े उद्योगों में, ‘आधारभूत संरचना’, ‘सभी अभियांत्रिकी’, ‘वस्त्र’, और ‘पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद एवं परमाणु ईंधन’ को बकाया ऋण में वर्ष-दर-वर्ष मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
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सेवा क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 11.7 प्रतिशत (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 12.8 प्रतिशत) की दर से वृद्धि दर्ज की गई। ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (एनबीएफसी) और ‘कंप्यूटर सॉफ्टवेयर’ जैसे खंडों में वृद्धि में सुधार हुआ। ‘व्यापार’ और ‘वाणिज्यिक स्थावर संपदा’ जैसे खंडों में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि मामूली गिरावट के साथ।
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‘वैयक्तिक ऋण’ खंड हेतु प्रदत्त ऋण में 12.8 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 13.4 प्रतिशत थी। जहां ‘वाहन ऋण’ और ‘स्वर्ण आभूषणों पर ऋण’ जैसे खंड़ों में स्थिर ऋण वृद्धि बनी रही, वहीं ‘आवास’, और ‘क्रेडिट कार्ड बकाया’ में थोड़ी कमी पाई गई।
अजीत प्रसाद
उप महाप्रबंधक (संचार)
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1808
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