22 जनवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने वीएसजे इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 20 जनवरी 2026 के आदेश द्वारा, वीएसजे इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी 'ऋण एक्सपोज़र का अंतरण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹80,000/- (अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी (1) (बी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
कतिपय दस्तावेज़ों तथा उपर्युक्त कंपनी द्वारा एक अविनियमित संस्था के साथ किए गए समनुदेशन करार का आरबीआई द्वारा किए गए विश्लेषण से यह पाया गया कि आरबीआई के निदेशों का अननुपालन हुआ है। इसी आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे पूछा गया कि आरबीआई के निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर कंपनी के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
कंपनी ने एक अपात्र संस्था से ऋण प्राप्त किया था।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1970 |