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राज्य वित्त: वर्ष 2025-26 के बज़ट का अध्ययन

23 जनवरी 2026

राज्य वित्त: वर्ष 2025-26 के बज़ट का अध्ययन

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज 'राज्य वित्त: 2025-26 के बजट का अध्ययन' रिपोर्ट जारी की। इस वर्ष की रिपोर्ट का विषय 'भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन - राज्य वित्त पर प्रभाव' है। यह क्रमशः 2023-24 और 2024-25 के लिए वास्तविक और संशोधित/अनंतिम लेखा की पृष्ठभूमि में 2025-26 के लिए राज्य सरकारों के वित्त का व्यापक मूल्यांकन प्रदान करता है।

मुख्य बातें:

  1. राज्यों के समेकित सकल राजकोषीय घाटे में पिछले तीन वर्षों के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.0 प्रतिशत से कम रहने के बाद वर्ष 2024-25 में जीडीपी के 3.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 3 प्रतिशत से अधिक का घाटा मुख्य रूप से पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता के अंतर्गत केंद्र से लिए गए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋणों को दर्शाता है, जोकि राज्यों की सामान्य निवल उधार सीमा के अलावा लिया गया ऋण है। वर्ष 2025-26 में राज्यों ने सकल घरेलू उत्पाद का 3.3 प्रतिशत सकल राजकोषीय घाटा का बजट बना लिया है।

  2. पूंजीगत व्यय पर जोर बनाए रखा गया क्योंकि 2023-24 और 2024-25 में पूंजीगत व्यय जीडीपी के 2.7 प्रतिशत पर स्थिर रहा है और 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद के 3.2 प्रतिशत तक बजट किया गया है।

  3. राज्यों की समेकित बकाया देयताएँ महामारी के बाद की अवधि में काफी अधिक बनी रही तथा मार्च 2026 के अंत में सकल घरेलू उत्पाद के 29.2 प्रतिशत का बजट अनुमान लगाया गया।

  4. भारतीय राज्य, जनसांख्यिकीय परिवर्तन के विभिन्न स्तरों पर हैं, जो उनके वित्त के निर्धारण में अहम भूमिका निभाते हैं। ज़्यादातर युवा आबादी वाले राज्यों के पास अत्यधिक कार्य-आयु वाली आबादी और मजबूत राजस्व संग्रहण, जिसका उपयोग श्रम शक्ति में उच्च निवेश के लिए किया जाता है, के कारण काफी अवसर होते हैं। इसके विपरीत, ज़्यादातर वृद्ध आबादी वाले राज्यों के पास, कर आधार घटने और बढ़ते प्रतिबद्ध व्यय से उत्पन्न राजकोषीय दबावों के कारण काफी कम अवसर होते हैं, जिसके लिए उच्च राजस्व क्षमता और स्वस्थ्य, पेंशन एवं कार्यबल नीतियों में सुधार की आवश्यकता होती है। मध्यवर्ती राज्यों को वृद्धावस्था की शुरुआती तैयारी के साथ विकास के प्राथमिकताओं को संतुलित करने की आवश्यकता है।

यह प्रकाशन आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग के राज्य वित्त प्रभाग में तैयार किया गया है। रिपोर्ट के पिछले अंकों के साथ वर्तमान अंक रिज़र्व बैंक की वेबसाइट (www.rbi.org.in) पर उपलब्ध हैं। इस प्रकाशन पर अपने अभिमत, निदेशक, राज्य वित्त प्रभाग, आर्थिक और नीति अनुसंधान विभाग, अमर भवन (6वीं मंज़िल), भारतीय रिज़र्व बैंक, सर फिरोजशाह मेहता रोड, मुंबई-400 001 को भेजे जा सकते हैं। उक्त अभिमत ई-मेल के माध्यम से भी प्रेषित किए जा सकते हैं।

(ब्रिज राज)  
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/1982


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