10 मार्च 2026
आरबीआई ने ‘एनबीएफसी / एआरसी के लिए स्वाधिकृत निधि / टियर-1 पूंजी की गणना के संबंध में
स्पष्टीकरण तथा ऋण / निवेश संकेंद्रण मानदंडों पर इसकी प्रयोज्यता’ संबंधी संशोधन निदेश जारी किए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 13 जनवरी 2026 को ‘एनबीएफसी / एआरसी के लिए स्वाधिकृत निधि / टियर-1 पूंजी की गणना के संबंध में स्पष्टीकरण तथा ऋण / निवेश संकेंद्रण मानदंडों पर इसकी प्रयोज्यता’ संबंधी सात संशोधन निदेशों के मसौदे जारी किए थे और इन पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी थी। वर्तमान में, एनबीएफसी (एनबीएफसी-यूएल के अलावा) और एआरसी, पिछले वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक की टियर 1 पूंजी की स्थिति के अनुसार ऋण / निवेश संकेंद्रण मानदंडों का अनुपालन करते हैं। उक्त मसौदा निदेशों का उद्देश्य एनबीएफसी से प्राप्त अनुरोधों के प्रत्युत्तर में प्रासंगिक प्रावधानों / निदेशों / दिशानिर्देशों की समीक्षा के बाद इस मामले में प्रस्तावित स्पष्टीकरण और संशोधन को शामिल करना था
उक्त मसौदों पर प्राप्त प्रतिक्रिया की जांच की गई है और परिणामस्वरूप, रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित किए गए संशोधनों को अंतिम निदेशों में उपयुक्त रूप से शामिल किया गया है। मसौदों पर प्राप्त प्रतिक्रिया का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज निम्नलिखित संशोधन निदेश जारी किए हैं, जिन्हें प्रभावी होने पर अद्यतन किया जाएगा:
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भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां - संकेन्द्रण जोखिम प्रबंधन) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026.
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भारतीय रिज़र्व बैंक (आवास वित्त कंपनियां) संशोधन निदेश, 2026
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भारतीय रिज़र्व बैंक (मूल निवेश कंपनियां) संशोधन निदेश, 2026.
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भारतीय रिज़र्व बैंक (बंधक गारंटी कंपनियां) संशोधन निदेश, 2026.
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भारतीय रिज़र्व बैंक (आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियां) संशोधन निदेश, 2026.
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भारतीय रिज़र्व बैंक (एकल प्राथमिक व्यापारी) संशोधन निदेश, 2026
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2241 |