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आरबीआई ने ‘प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम – संभावित भावी एक्स्पोज़र की गणना के लिए अतिरिक्त कारक’ संबंधी संशोधन निदेश जारी किए

10 मार्च 2026

आरबीआई ने ‘प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम – संभावित भावी एक्स्पोज़र की गणना के लिए अतिरिक्त कारक’
संबंधी संशोधन निदेश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 20 अगस्त 2025 को ‘प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम – संभावित भावी एक्सपोजर की गणना के लिए अतिरिक्त कारक - संशोधित अनुदेश' के परिपत्र का मसौदा जारी किया था, जिसमें 10 सितंबर 2025 तक बैंकों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। अनुदेशों के मसौदे में प्रतिपक्षकार ऋण जोखिम (सीसीआर) संबंधी अनुदेशों को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया था ताकि (i) यह स्पष्ट किया जा सके कि इक्विटी डेरिवेटिव और कमोडिटी डेरिवेटिव खंडों में सेबी द्वारा मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों के समाशोधन-सदस्य के रूप में कार्य करने वाले बैंकों को सीसीआर के लिए पूंजीगत-प्रभार बनाए रखना आवश्यक है; तथा (ii) 'ब्याज दर संविदाओं' और 'विनिमय दर अनुबंध एवं स्वर्ण' के लिए चालू एक्सपोजर पद्धति (सीईएम) में संभावित भावी एक्सपोजर (पीएफई) की गणना हेतु अतिरिक्त कारकों को बैंकिंग पर्यवेक्षण पर बासेल समिति (बीसीबीएस) के दिशानिर्देशों के साथ व्यापक रूप से संरेखित किया जा सके।

2. अनुदेशों के मसौदे पर प्राप्त प्रतिक्रिया की जांच की गई है और निदेशों को अंतिम रूप देते समय उपयुक्त संशोधन उसमें शामिल किए गए हैं। अनुदेशों के मसौदों पर प्राप्त प्रतिक्रिया का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

3. तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीसीआर के तहत संभावित भावी एक्सपोजर की गणना के लिए अतिरिक्त कारकों से संबंधित मौजूदा अनुदेशों में संशोधन करने हेतु निम्नलिखित संशोधन निदेश आज जारी किए हैं:

  1. भारतीय रिज़र्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) तृतीय संशोधन निदेश, 2026

  2. भारतीय रिज़र्व बैंक (लघु वित्त बैंक - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) तृतीय संशोधन निदेश, 2026

  3. भारतीय रिज़र्व बैंक (भुगतान बैंक - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) संशोधन निदेश, 2026

  4. भारतीय रिज़र्व बैंक (अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई) - पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026

4. उपर्युक्त संशोधन निदेशों का उद्देश्य सीसीआर-ढांचे के कतिपय पक्षों पर विनियमित संस्थाओं को स्पष्टता प्रदान करना और सीईएम-ढांचे को व्यापक रूप से अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के साथ संरेखित करना है।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी:2025-2026/2243


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