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भारतीय रिज़र्व बैंक ने कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

16 मार्च 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 9 मार्च 2026 के आदेश द्वारा कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ‘भुगतान समेककों (पीए) और भुगतान गेटवे (पीजी) के विनियमन पर दिशानिर्देश' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 3.10 लाख (तीन लाख दस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 26(6) के साथ पठित धारा 30(1) के प्रावधानों के अंतर्गत आरबीआई को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

अप्रैल 2024 से जून 2025 तक की अवधि के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा कंपनी का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई के निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों तथा उससे संबंधित पत्राचार के आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि आरबीआई के निदेशों के उक्त प्रावधानों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर और इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध यह आरोप सिद्ध हुआ है कि कंपनी ने बिना अनुमति के एस्क्रो खाते से कुछ डेबिट किया है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।

यह कार्रवाई, सांविधिक एवं विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2270


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