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भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

1 अप्रैल 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 27 मार्च 2026 के आदेश द्वारा एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘लीवरेज अनुपात' ‘पर्यवेक्षी विवरणियों को फाइल करना’ और ‘तुलन-पत्र प्रस्तुत करना’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹10.30 लाख (दस लाख तीस हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी (5) (एए) के साथ पठित धारा 58जी(1) (बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

ऑफसाइट विश्लेषण तथा आरबीआई और कंपनी के बीच हुए संबंधित पत्राचार से, आरबीआई के कतिपय निदेशों के अननुपालन का पता चला। इस आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर कंपनी के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

कंपनी:

(i) लीवरेज अनुपात की अनुमेय सीमा का उल्लंघन किया था;

(ii) निर्धारित आवृत्ति के अनुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आरबीआई को कुछ पर्यवेक्षी विवरण प्रस्तुत करने में विफल रही थी; और

(iii) निर्धारित अवधि के भीतर आरबीआई को अपना तुलन-पत्र प्रस्तुत करने में विफल रही थी।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/5


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