30 मार्च 2026
गैर-सरकारी गैर-वित्तीय पब्लिक लिमिटेड कंपनियों का वित्त, 2024-25
आज, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2024-25 के दौरान गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) पब्लिक लिमिटेड कंपनियों के वित्तीय कार्य-निष्पादन से संबंधित आंकड़े (https://data.rbi.org.in/#/dbie/reports/Statistics/Corporate%20Sector/Non-Government%20Non-Financial%20Public%20Limited%20Companies) जारी किए जो कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार जो इन आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है, से प्राप्त 7,992 कंपनियों, जिनके द्वारा 2022-23 से 2024-25 तक तीन लेखांकन वर्षों के लिए भारतीय लेखा मानक (इंड-एएस) प्रारूप में रिपोर्ट किया गया है, के लेखापरीक्षित वार्षिक खातों पर आधारित हैं।
मार्च 2025 के अंत तक इन कंपनियों की कुल चुकता पूंजी (पीयूसी) ₹8,51,281 करोड़ थी, जो एनजीएनएफ पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की कुल पीयूसी का 32.2 प्रतिशत थी।1
मुख्य बातें
बिक्री
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चुनिंदा एनजीएनएफ़ पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की निवल बिक्री में वृद्धि पिछले वर्ष के 6.3 प्रतिशत से बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई; विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की बिक्री वृद्धि 2024-25 के दौरान क्रमशः 6.3 प्रतिशत और 10.1 प्रतिशत तक बढ़ गई, जबकि पिछले वर्ष यह क्रमशः 5.0 प्रतिशत और 7.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी (विवरण 1 और 11)।
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सेवा क्षेत्र की बिक्री में मुख्य रूप से ‘परिवहन और भंडारण सेवाओं’ तथा ‘सूचना और संचार’ क्षेत्रों की बिक्री में विस्तार के कारण वृद्धि हुई (विवरण 11)।
व्यय
लाभ
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कच्चे माल पर अधिक व्यय के कारण कुल व्यय में वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप 2024-25 में समग्र स्तर पर परिचालन लाभ की वृद्धि 15.3 प्रतिशत से 8.4 प्रतिशत तक कम हो गई। (विवरण 1 और 11)
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2024-25 के दौरान कर पश्चात लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो 23.1 प्रतिशत रही; यह मजबूत परिचालन से इतर आय और मध्यम कर व्यय के कारण हुआ; विनिर्माण क्षेत्र (12.8 प्रतिशत) की तुलना में सेवा क्षेत्र की कंपनियों ने कर पश्चात लाभ में कहीं अधिक संवृद्धि (40.2 प्रतिशत) दर्ज की (विवरण 1, 3 और 11)।
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2024-25 के दौरान प्रमुख क्षेत्रों के निवल लाभ लाभ मार्जिन में सुधार हुआ (विवरण 2 और 12)।
लीवरेज
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एनजीएनएफ़ पब्लिक लिमिटेड कंपनियों ने 2024-25 में अपनी बैलेंस शीट को ऋण-मुक्त करना जारी रखा, क्योंकि 2023-24 के दौरान कुल इक्विटी की तुलना में ऋण अनुपात 32.8 प्रतिशत से घटकर 29.8 प्रतिशत हो गया (विवरण 2)।
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ब्याज कवरेज अनुपात2 (आईसीआर), ऋण चुकौती क्षमता का एक माप, 2024-25 के दौरान सुधरकर 4.3 हो गया; विनिर्माण कंपनियों का आईसीआर बढ़कर 6.8 हो गया, और सेवा कंपनियों का 3.4 (विवरण 2 और 12)।
निधि के स्रोत और उपयोग
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आंतरिक स्रोत निधीयन के प्राथमिक चालक बने रहे, जोकि 2024-25 के दौरान कुल धन का 57.2 प्रतिशत थे; आंतरिक स्रोतों के भीतर, आरक्षित निधि और अधिशेष में 40.8 प्रतिशत की प्रभावशाली संवृद्धि देखी गई (विवरण 5ए)।
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सकल स्थिर आस्ति निर्माण मज़बूत बना रहा, जो 2024-25 के दौरान निधियों के कुल उपयोग में 41.1 प्रतिशत रहा। (विवरण 5बी)।
विवरणों के व्याख्यात्मक नोट्स अनुलग्नक में दिए गए हैं।
अजीत प्रसाद
उप महाप्रबंधक (संचार)
प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2359
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