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भारतीय रिज़र्व बैंक ने बंधन बैंक लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

24 अप्रैल 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बंधन बैंक लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 21 अप्रैल 2026 के आदेश द्वारा, बंधन बैंक लिमिटेड (बैंक) पर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 20(1)(बी)(iii) के प्रावधानों के उल्लंघन तथा आरबीआई द्वारा जारी ‘अपने ग्राहक को जानिए’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 41.80 लाख (इकतालीस लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बीआर अधिनियम की धारा 46 (4) के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु आरबीआई द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया था। बीआर अधिनियम के प्रावधानों, आरबीआई के निदेशों के अननुपालन और तत्संबंधी पत्राचार के पर्यवेक्षी निष्कर्षों के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त आरबीआई निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर बैंक के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

  1. बैंक ने कतिपय श्रेणियों के खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा करने में विफल रही, और

  2. बैंक ने निदेशक-संबंधित ऋण स्वीकृत किए थे।

यह कार्रवाई, सांविधिक एवं विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/140


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