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25 जून 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक ने दि मॉडर्न को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चालीसगांव, महाराष्ट्र
पर मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 23 जून 2026 के आदेश द्वारा, दि मॉडर्न को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चालीसगांव, महाराष्ट्र (बैंक) पर आरबीआई द्वारा जारी 'एक्स्पोज़र मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध – शहरी सहकारी बैंक' और 'अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए ₹1 लाख (एक लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
31 मार्च 2025 को बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा बैंक का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर बैंक के उत्तर पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि बैंक के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:
बैंक ने:
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एकल उधारकर्ता एक्सपोजर संबंधी निर्धारित विनियामकीय सीमा का उल्लंघन किया; और
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ग्राहकों के केवाईसी संबंधी जानकारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री (सीकेवाईसीआर) में अपलोड नहीं किया।
यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा बैंक के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/543 |