सरकार का बैंक और ऋण प्रबंधक

सरकार के बैंकिंग लेनदेनों का प्रबंध करना रिज़र्व बैंक की प्रमुख भूमिका है। सरकार को व्‍यक्ति, कारोबार और बैंकों की भांति अपने वित्‍तीय लेनदेनों, जिसके अंतर्गत जनता से संसाधनों का जुटाया जाना भी शामिल है, को दक्षतापूर्वक और प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए एक बैंकर की आवश्‍यकता पड़ती है।

अधिसूचनाएं


सरकारी लेनदेनों के संबंध में बैंकों को भुगतान किए जानेवाला एजेंसी कमीशन को तर्कसंगत बनाना और संशोधन

आरबीआई/2018-19/219
डीजीबीए.जीबीडी.सं.3144/31.02.007/2018-19

20 जून 2019

सभी एजेंसी बैंक

महोदय/महोदया

सरकारी लेनदेनों के संबंध में बैंकों को भुगतान किए जानेवाला एजेंसी कमीशन को तर्कसंगत बनाना और संशोधन

दिनांक 22 मई 2012 के हमारे परिपत्र डीजीबीए.जीएडी.सं.7575/31.12.011/2011-12 का संदर्भ ग्रहण करें जिसमें दिनांक 01 जुलाई 2012 से एजेंसी बैंकों को भुगतान किए जाने वाले एजेंसी कमीशन के दरों के संशोधन के बारे में कहा गया था।

2. तब से, न केवल सरकारी प्रा‍प्तियों और भुगतानों के मुल्‍यों और मात्रा में और सरकारी लेनदेनों को संचालित करने वाले बैंक की शाखाओं के कवरेज में वृद्धि हुई है बल्कि प्रौद्योगिकी के अंगीकार करने में और भुगतान के लिए इलेक्‍ट्रानिक साधनों की ओर प्रवजन में भी काफी गतिविधयां हुई हैं। सरकारी कारोबार को संचालित करने के संबंध में इन परिवर्तनों को बैंकों द्वारा किए गए व्‍यय की लागतों की समीक्षा की आवश्‍यकता है, जिसे इस प्रयोजन के लिए बनी समिति द्वारा इस कार्य को किया गया है।

3. तद्नुसार, 1 जुलाई 2019 से पात्र सरकारी लेनदेनों को करने के संबंध में एजेंसी कमीशन दरें निम्‍नानुसार होगी:

क्र.सं. लेनदेन का प्रकार ईकाई वर्तमान दरें संशोधित दरें
1 प्राप्तियां- भौतिक प्रति लेनदेन 50/- 40/-
2 प्राप्तियां- ई- मोड प्रति लेनदेन 12/- 9/-
3 पेंशन भुगतान प्रति लेनदेन 65/- 75/-
4 पेंशन के अलावा अन्‍य भुगतान प्रति 100 टर्नओवर 5.5 पैसे 6.5 पैसे

4. दिनांक 4 नवंबर 2016 के हमारे पत्र में निहित अनुदेशों की ओर भी आपका ध्‍यान आकृष्‍ट किया जाता है जिसमें केंद्रीय और राज्‍य सरकार के लेनदेनों के लिए प्राप्‍त एजेंसी कमीशन संबंधी सेवा कर की प्रतिपूर्ति के दावे की प्रक्रिया के बारे में कहा गया था, जिसके आधार पर बैंक केंद्रीकृत रूप से प्रतिपूर्ति के लिए दावों को भारतीय रिज़र्व बैंक के केंद्रीय लेखा अनुभाग, नागपुर को प्रस्‍तुत कर रहे हैं। सेवा कर के बाद इस प्रक्रिया को जीएसटी फ्रेमवर्क में शामिल कर लिया गया है।

5. एजेंसी बैंकों द्वारा दावों की प्रस्‍तुति में हुई काफी विलंब और विसंगतियों के बाद इस दावे प्रक्रिया की समीक्षा अंदरूनी रूप में की गई । इस संबंध में एजेंसी बैंकों से प्राप्‍त संदर्भों को ध्‍यान में रखते हुए और इस समीक्षा के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि केंद्रीकृत दावा प्रस्तुतीकरण की वर्तमान प्रक्रिया को इस प्रणाली के साथ बदल दिया जाए जिसकेजरिए यथास्थिति भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों/केंद्रीय लेखा अनुभाग, नागपुर द्वारा एजेंसी कमीशन के साथ-साथ लागू जीएसटी (वर्तमान 18%) का भुगतान किया जाएगा।

6. 1 जुलाई 2019 से किए गए पात्र सरकारी लेनदेनों के लिए एजेंसी बैंक ऊपर प्रदर्शित संशोधित एजेंसी कमीशन की दरों के अनुसार लागू जीएसटी सहित एजेंसी कमीशन का दावा इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी वर्तमान अनुदेशों के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों/केंद्रीय लेखा अनुभाग, नागपुर में प्रस्तुत करेंगे। एजेंसी कमीशन का भुगतान करते समय भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा लागू जीएसटी पर स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) की जाएगी।

7. तथापि, 30 जून 2019 तक एजेंसी बैंकों द्वारा किए गए पात्र सरकारी लेनदेनों के लिए एजेंसी बैंक पहले की तरह एसटी/जीएसटी की प्रतिपूर्ति के दावों के लिए एजेंसी कमीशन के दावे प्रस्तुत करते रहेंगे।

8. ये संशोधित दरें अगली समीक्षा तक वैध रहेंगी।

भवदीया

(चारुलता एस. कर)
मुख्य महाप्रबंधक

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