वित्तीय समावेशन और विकास

यह कार्य वित्तीय समावेशन, वित्तीय शिक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण तथा एमएसएमई क्षेत्र सहित अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर नवीकृत राष्ट्रीय ध्यानकेंद्रण का सार संक्षेप में प्रस्तुत करता है।

भाषण


मई 05, 2021
गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 338.00 kb
मार्च 06, 2020
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम: चुनौतिया और भावी दिशा - शक्तिकांत दास 293.00 kb
अप्रैल 25, 2019
17 वाँ सी. डी.देशमुख स्मारक व्याख्यान: उदघाटन उद्बोधन - शक्तिकांत दास 124.00 kb
जुलाई 15, 2017
प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को उधार - वर्तमान स्थिति, समस्याएं और आगे की कार्ययोजना - एस.एस.मूंदड़ा 230.00 kb
जून 16, 2017
बैंकर और SME उधारकर्ता - नये मंत्र - एस.एस.मूंदड़ा 215.00 kb
सितंबर 24, 2016
भारत में वित्तीय समावेशन-अब तक की यात्रा और भावी दिशा - एस.एस.मूंदड़ा 149.00 kb
अप्रैल 07, 2016
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थ बनाना:समस्याएं एवं चुनौतियां- एस.एस.मूंदडा 95.00 kb
सितंबर 16, 2015
भारत की संवृद्धि का वित्तपोषण- चुनौतियां और भावी दिशा- एस.एस.मूंदड़ा 89.00 kb
अगस्त 25, 2015
परिवर्तनकारी नवोन्मेश और समावेशी वृद्दि: कुछ यादृच्छिक विचार – आर. गांधी 99.00 kb
जून 30, 2015
वित्तीय शिक्षा : मूलभूत बातें तथा उसके आगे – एस.एस. मुदंडा 97.00 kb
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