वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

भाषण


मई 05, 2021
गवर्नर का वक्तव्य – 5 मई 2021 338.00 kb
जनवरी 16, 2021
एक स्थिर वित्तीय प्रणाली की ओर – शक्तिकान्त दास 363.00 kb
जुलाई 11, 2020
भारतीय अर्थव्यवस्था निर्णायक मोड़ पर: वित्तीय स्थिरता की दृष्टि से विवेचन – शक्तिकांत दास 303.00 kb
जनवरी 07, 2020
भारत में समावेशी विकास की ओर यात्रा - शक्तिकांत दास 246.00 kb
नवंबर 29, 2019
ग्रामीण और कृषि वित्त: समावेशी और दीर्घकालिक विकास प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी - एम.के.जैन 219.00 kb
सितंबर 05, 2019
20 वाँ फिम्डा-पीडीएआई वार्षिक सम्मेलन - बी.पी.कानूनगो 192.00 kb
अगस्त 19, 2019
वित्तीय स्थिरता के मार्ग में उभरती चुनौतियाँ - शक्तिकान्त दास 188.00 kb
जुलाई 26, 2019
पुस्तक विमोचन पर गवर्नर महोदय की टिप्पणी - शक्तिकान्त दास 162.00 kb
जून 29, 2019
व्यवहार्य वित्तीय बाज़ारों का विकास – भारतीय अनुभव – विरल वी. आचार्य 834.00 kb
जनवरी 15, 2018
बैंकों में ब्याज दर जोखिम को समझना और प्रबंध करना - विरल आचार्य 605.00 kb
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