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मास्टर निदेशों

मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार–लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2025 (19 जनवरी 2026 तक अद्यतन किया गया)

आरबीआई/विसविवि/2024-25/128
मास्टर निदेश विसविवि.केंका.पीएसडी.बीसी.13/04.09.001/2024-25

24 मार्च 2025
(19 जनवरी 2026 तक अद्यतन किया गया)

अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक/
मुख्य कार्यपालक अधिकारी
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित सभी वाणिज्यिक बैंक,
लघु वित्त बैंक, स्थानीय क्षेत्र बैंक और
वेतनभोगियों के बैंकों के अलावा प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक

महोदया/महोदय,

मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र उधार–लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर बैंकों को प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र उधार (पीएसएल) के संबंध में अनेक अनुदेश/दिशानिर्देश जारी किए हैं। संलग्न मास्टर निदेश में इस विषय पर अद्यतन अनुदेश/दिशानिर्देश शामिल हैं।

2. ये निदेश 01 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे और इस विषय पर पहले के निदेशों, अर्थात दिनांक 04 सितंबर 2020 के भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार–लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2020 (समय-समय पर अद्यतन) (संदर्भ विसविवि.केंका.प्लान.बीसी.5/04.09.01/2020-21) का स्थान लेंगे। दिनांक 04 सितंबर 2020 के पीएसएल पर पूर्ववर्ती मास्टर निदेशों (समय-समय पर यथा-संशोधित) के तहत प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार के रूप में वर्गीकृत किए जाने के लिए पात्र सभी ऋण, मियाद पूरी होने तक इन निदेशों के तहत ऐसे वर्गीकरण के लिए पात्र बने रहेंगे।

भवदीया,

(निशा नम्बियार)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक


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