3 जून 2026
भारत और कंबोडिया के बीच, क्यूआर-कोड आधारित सीमा-पार के व्यापारी भुगतानों हेतु, भुगतान
प्रणालियों के परस्पर जुड़ाव का शुभारंभ
भारतीय रिज़र्व बैंक, सीमा-पार भुगतानों को बढ़ावा देने के लिए, अन्य क्षेत्राधिकारों की त्वरित भुगतान प्रणालियों के साथ एकीकृत भुगतान प्रणाली (यूपीआई) को जोड़ने हेतु सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। ये पहल सीमा-पार भुगतान को बढ़ाने वाले जी20 रोडमैप के अनुरूप हैं, जिनमें अपेक्षाकृत अल्प मूल्य, प्रभावी, अधिक पारदर्शी और अधिक सुलभ भुगतानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
2. इस पहल के अंतर्गत, कंबोडिया के क्यूआर-कोड सक्षम व्यापारियों द्वारा यूपीआई को अपनाने के संबंध में दिनांक 2 जून 2026 को नोम पेन्ह, कंबोडिया में भारत और कंबोडिया की भुगतान प्रणालियों को परस्पर जोड़ने के कार्य का शुभारंभ किया गया है। यह आरबीआई और नेशनल बैंक ऑफ कंबोडिया के तत्वावधान में एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और एक्लेडा बैंक पीएलसी की सहकार्यता के पहले चरण का औपचारिक शुभारंभ है, ताकि दोनों देशों के बीच क्यूआर-कोड आधारित पर्सन टू मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन की अंतरपरिचालनीयता को सक्षम किया जा सके।
3. इस जुड़ाव के परिणामस्वरूप, कंबोडिया जाने वाले भारतीय यात्री अब अपने यूपीआई एप्लीकेशन का उपयोग करके, केएचक्यूआर (कंबोडिया का राष्ट्रीय क्यूआर मानक) प्रयोग में सक्षम 45 लाख से अधिक व्यापारियों को क्यूआर-कोड आधारित भुगतान कर सकते हैं। इस पहल के माध्यम से भारतीय यात्रियों द्वारा कंबोडिया में पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से तत्काल भौतिक व्यापारी-भुगतान किया जा सकेगा। इससे नकद-मुद्रा पर निर्भरता कम होगी और यह कार्ड के माध्यम से भुगतान के विकल्प के रूप में भी कार्य करेगा।
4. इसके बाद, दूसरे चरण में, कंबोडियाई यात्रियों को भारत में यूपीआई क्यूआर-सक्षम व्यापारी भुगतान करने में सक्षम बनाने की सुविधा शुरू की जाएगी।
(ब्रिज राज)
मुख्य महाप्रबंधक
प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/379
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