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भारतीय रिज़र्व बैंक ने वेदव्यास फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, ओडिशा पर मौद्रिक दंड लगाया

23 मार्च 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वेदव्यास फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, ओडिशा पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 16 मार्च 2026 के आदेश द्वारा वेदव्यास फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, ओडिशा (कंपनी) पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘अभिशासन' संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 30,000/- (तीन हजार रूपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

एक निदेशक की नियुक्ति की सूचना से संबंधित पत्राचार में यह पाया गया कि, आरबीआई के निदेशों का अनुपालन नहीं किया गया है। इस आधार पर, कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर, व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

निदेशक की नियुक्ति करते समय कंपनी ने भारतीय रिज़र्व बैंक से पूर्व-लिखित-अनुमति नहीं ली थी जिसके परिणामस्वरूप, स्वतंत्र निदेशकों को छोड़कर, अपने 30 प्रतिशत से अधिक निदेशकों में परिवर्तन होने के कारण कंपनी के प्रबंधन-तंत्र में परिवर्तन हुआ था।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2025-2026/2309


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